Wednesday, 18 July 2018

दंतेवाड़ा

        दंतेवाड़ा

हेलो दोस्तो हम लोगसुबह 3 बजे दंतेवाड़ा पहुँच गए।यहाँ हम माँ दंतेश्वरी देवी मंदिर का दर्शन करने के लिए आये है। सुबह का समय था यहाँ कोई भी लॉज या धर्मशाला नही खुला था। किसी से पूछा तो बोलै की सुबह 5 बजे खुलेगा।अभी हमारे पास दो घंटे का टाइम था।हम  पैदल ही दंतेवाड़ा के सड़को पर धूमने लगे । मुंझे ये शहर बहुत ही अच्छा लगा साफ सुथरी सड़कें ,डंकिनीनदी का ब्रिज ,दंतेश्वरी माता का मंदिर सबसेसुंदर जगह मुझे लगा। सुबह6बजे धर्मशाला का दरवाजा खोला गया हूं वह जेक फ्रेश होकर नाहा कर दन्तेश्वरी देवी केदर्शन करने पहुच गए। साउथ के अधिकतर मंदिरो में बहुत ही ज्यादा भीड़ होती है, बहुत सी पाबंदिया भी होती है, जैसे कि मोबाइल अंदर नाइ लेके जाना है ।ज्यादा देर तक नही रुक सकते ।पर यहाँ कोई रोक टोक नही है में और मेरा दोस्त रविन्द्र  ने खूब सारी पिक्स यहाँ की ली और बहुत हि आराम से माता के दर्शन किये। बारिश का मौसम है तो यहाँ सुबह से ही रिमझिम बारिश हो रही थी । पर ये बारिश हमारा रास्ता कहा रोक पाएगी। यहाँ देखने लायक बहुत सी जगह है पर हम लोग यह सिर्फ माता के दर्शन करने आये थे । सुबह का 7 बज रहा था और हम माता के दरबार में थे, औऱ एक बात यहाँ मंदिर में प्रवेश करने के लिए पैंट, पजामा, allowed नही है। यह मंदिर ट्रस्ट द्वारा धोती दिया जाता है जिसको ही पहन कर मंदिर में प्रवेश दिया जाता है।यह और भी बहुत सारी पराचीन मंदिरे एवं मूर्तियां भी है। यह कि मंदिर का खास बात ये ह की मंदिर पूरा लकड़ीयो का बना हुआ है।यहाँ के पुजारी भी किसी को किसी भी प्रकार के चढ़ावे के लिए फ़ोर्से नही करते है। मंदिर के सामने से बहने वाली डंकनी नदी इसकी सुंदरता को चार चांद लगती है। मुझे यहाँ का वातावरण एवं ये शहर बहुत ही प्यार लगा। ये मेरे माइंड के परमानेंट यादें स्टोर करने वाला पार्ट में स्टोर हो गया है। मंदिर के बाहर में रोड के पास पेड़ो पर बहुत सारि चिड़ियों की चहचहाहट मन को बहुत ही संतोष प्रदान करने वाला पल था। यहाँ एक नेकी की दीवार है जहाँ कोई भी व्यक्ति अपने काम मे न आने वाले कपड़ो को यह लटका जाता है और कोई भी जरूरतमंद व्यक्ति  यहाँ से लेकर जा सकता है। हमें यहाँऔर रुकने का मन था पर हमें आगे भी जाना था । यहाँ पता करने पर पता चल की तीरथगढ़ और चित्रकोट वॉटरफॉल जाने के लिए यहाँ से बस समय समय पर एक या दो ही है। तो हमने यहाँ से सीधे जगदलपुर जाने का सोचा । यह से जगदलपुर करीब75 किमी पर है।यहाँ से बस का किराया 80रुपये है।तो हम जगदलपुर पहुच गए। और हॉ यहाँ की फ़ोटो भी हमने बहुत सारी निकली है। जो कि नीचे है।अगले व्लोग में हम जगदलपुर,चित्रकोट,तीरथगढ़ वॉटरफॉल केे यात्रा बारे में बात करेंगे।

                                  शिवजी की मूर्ति
                                 विष्णु जी की मूर्ति
                                     मंदिर के अंदर
                                        माँ दन्तेस्वरी मंदिर

                                   रविन्द्र भाई रिवर व्यू
                                मंदिर द्वार
                             रोड से व्यू



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