हेलो दोस्तो हम अभी दंतेवाड़ा से जगदलपुर बस से जा रहे थे।रास्ते मे हमें बहुत ही सुन्दर नजारा नजर आ रहे थे।हम लोग इस लिए ही मानसून के मौसम में कोई न कोई जगह हर बार जाते है । क्योकि बारिश में जो नजारे दिखाई देता है वो कोई और मौसम में नही दिखी देते।बचपन मे पढ़ी महादेवी वर्मा की कविताएं याद आ जाती हैं।यहाँ का नज़ारा कुछ इसी प्रकार का था कि बारिश के कारण जंगल से कोहरा उठ रहा था मानो जंगल मे बदल उत्तर आये हो । हम सुबह 10 बजे जगदलपयर पहुच गए।
पर यह भी आके पता चला कि यहाँ से भी कोई ज्यादा सुविधा नही है चित्रकोट जाने के लिए । क्योकि हम सिर्फ दो लोग ही थे मैं और भाई जान(रविन्द्र) तो हमारे लिए गाड़ी बुक करना थोड़ा महंगा पड़ जाता लेकिन घूमना तो है फिर हमने ऑटो रिक्शा वाले को जाने को बोला वो 1200 में चित्रकोट और तीरथगढ़ वॉटरफॉल दिखाने के लिए मान गया। पहले तो वो 1500 बोल रहा था पर बाद में वो मान गया।यहाँ से चित्रकोट की दूरी40 किमी के करीब है ।यहाँ जाने में 1 घंटे का वक़्त लगता है। यह पहुचते ही हमे पता चला कि यह बोटिंग बंद है क्योकि अभी पानी का लेवल बहुत ही ज्यादा है । मुझे थोड़ा अच्छा नही लगा क्योंकि मैं बोटिंग के मूड से आया था । पर मेरा मूड वॉटरफॉल को देखकर फिर मस्त हो गया क्योंकि वॉटरफॉल का नज़ारा बहुत ही बढ़िया था पानी पूरी तरह से फुल था ।तो फिर क्या हम लग गए अपने काम मे वॉटरफॉल की बहुत सी पिक्स निकली कुछ पिक्स नीचे है।
महादेव मंदिर
यहाँ रहने के लिए छत्तीसगढ़ govrment के द्वारा रिसोर्ट भी बनाया गया है जिसको छत्तीसगढ़ gov के वेबसाइट से बुक करा सकते है। कुछ देर यहाँ घूमने के बाद हम अपने अगले पड़ाव तीर्थगढ़ की ओर बढ़ गए। और हॉ एक बात तो आपको बताना भूल ही गया कही भी आप टूर में जा रहे हो तो आपको वहाँ का लोकल फ़ूड पता कर लेना चाहिए ये बात में इसलिए बोल रहा हूँ क्योंकि अगर आप south के तरफ यात्रा कर रहे हो और आप वह जाकर रोटी सब्जी की डिमांड करेंगे । तो आपको रोटी तो मिल जाएगी पर वो महंगी होगी और टेस्ट में भी उतनी अच्छी नही
नही होगी। तो आप वहाँ की लोकल डिश ही खाये । सस्ती और अच्छी । ये तो गई खाने की बात हम अभी तीरथगढ़ के लिए अपनी उड़नतश्तरी ऑटो से निकल चुके थे ऑटो की यात्रा में अपने एक्सपीरियंस से कभी भी नही करने को बोलूंगा क्योंकि रास्ता ज्यादा अच्छी नही है। रास्ते मे बहुत से गड्ढे है। यह रास्ते मे हमे कांगेरवेल्ली नेशनल पार्क भी पड़ता है यहाँ से ही हमें तीरथगढ़ के एंट्री के लिए चालान काटने पड़ता है। कांगेर वैली नेशनल पार्क जुलाई से octuber तक बंद रहता है । यहाँ जाने के लिए आप अपना वाहन वहां नही लेकर जा सकते है। यहाँ जाने के लिए वन विभाग के द्वारा जिप्सी बुक कराना पड़ता है जिसका चर्ज़े 1500 होता है। हम यह से जंगल के मज़े लेते हुए तीरथगढ़ पहुचे। यहाँ खाने के लिए होटल है जो कि चावल दाल सब्जी खिलाते हैं । तीरथगढ़ वॉटरफॉल मेरे सोच से भी ज्यादा सुन्दर निकला में इसकी सुंदरता को देखते ही राह गया। मन कर रहा था कि ये नाज़रा कभी आखो से ओझल ना हो पाए ।ये झरना100फ़ीट के ऊपर से पानी पत्थरो पर गिरता है जो कि बहुत ही सुंदर प्रतीत होता है क्योंकि ये सीधे 100 फ़ीट नीचे न गिर कर ये पत्थरो से होकर गिरता है यह दृश्य बहुत ही सुंदर होता है। यहाँ के कुछ फोटू में नीचे डाल देता हूँ। पिक्स में ये नार्मल झरने के जैसे ही दिखता ह पर आंखों से लगता है कि कोई ऐसा दृस्य है जिसको में कभी भी आंखों के सामने से ओझल नही होने नहीं दू।
अब हमारा अगला पड़ाव जगदलपुर रेल्वेस्टेशन है। वहाँ से हम विशाखापट्नम के लिए हमारा ट्रैन है।साम में करीब 6 बजे हम लोग जगदलपुर पहुच गए ।7:30 पर हमारी ट्रेन थी। हमने आस पास से खाना खाया और ट्रेन पकड़ लिया।आगे के व्लोग में हम विशाखापट्नम यात्रा के बारे में बतााऊंगा।
जय भोले बाबा।।।
पर यह भी आके पता चला कि यहाँ से भी कोई ज्यादा सुविधा नही है चित्रकोट जाने के लिए । क्योकि हम सिर्फ दो लोग ही थे मैं और भाई जान(रविन्द्र) तो हमारे लिए गाड़ी बुक करना थोड़ा महंगा पड़ जाता लेकिन घूमना तो है फिर हमने ऑटो रिक्शा वाले को जाने को बोला वो 1200 में चित्रकोट और तीरथगढ़ वॉटरफॉल दिखाने के लिए मान गया। पहले तो वो 1500 बोल रहा था पर बाद में वो मान गया।यहाँ से चित्रकोट की दूरी40 किमी के करीब है ।यहाँ जाने में 1 घंटे का वक़्त लगता है। यह पहुचते ही हमे पता चला कि यह बोटिंग बंद है क्योकि अभी पानी का लेवल बहुत ही ज्यादा है । मुझे थोड़ा अच्छा नही लगा क्योंकि मैं बोटिंग के मूड से आया था । पर मेरा मूड वॉटरफॉल को देखकर फिर मस्त हो गया क्योंकि वॉटरफॉल का नज़ारा बहुत ही बढ़िया था पानी पूरी तरह से फुल था ।तो फिर क्या हम लग गए अपने काम मे वॉटरफॉल की बहुत सी पिक्स निकली कुछ पिक्स नीचे है।
महादेव मंदिर
यहाँ रहने के लिए छत्तीसगढ़ govrment के द्वारा रिसोर्ट भी बनाया गया है जिसको छत्तीसगढ़ gov के वेबसाइट से बुक करा सकते है। कुछ देर यहाँ घूमने के बाद हम अपने अगले पड़ाव तीर्थगढ़ की ओर बढ़ गए। और हॉ एक बात तो आपको बताना भूल ही गया कही भी आप टूर में जा रहे हो तो आपको वहाँ का लोकल फ़ूड पता कर लेना चाहिए ये बात में इसलिए बोल रहा हूँ क्योंकि अगर आप south के तरफ यात्रा कर रहे हो और आप वह जाकर रोटी सब्जी की डिमांड करेंगे । तो आपको रोटी तो मिल जाएगी पर वो महंगी होगी और टेस्ट में भी उतनी अच्छी नही
नही होगी। तो आप वहाँ की लोकल डिश ही खाये । सस्ती और अच्छी । ये तो गई खाने की बात हम अभी तीरथगढ़ के लिए अपनी उड़नतश्तरी ऑटो से निकल चुके थे ऑटो की यात्रा में अपने एक्सपीरियंस से कभी भी नही करने को बोलूंगा क्योंकि रास्ता ज्यादा अच्छी नही है। रास्ते मे बहुत से गड्ढे है। यह रास्ते मे हमे कांगेरवेल्ली नेशनल पार्क भी पड़ता है यहाँ से ही हमें तीरथगढ़ के एंट्री के लिए चालान काटने पड़ता है। कांगेर वैली नेशनल पार्क जुलाई से octuber तक बंद रहता है । यहाँ जाने के लिए आप अपना वाहन वहां नही लेकर जा सकते है। यहाँ जाने के लिए वन विभाग के द्वारा जिप्सी बुक कराना पड़ता है जिसका चर्ज़े 1500 होता है। हम यह से जंगल के मज़े लेते हुए तीरथगढ़ पहुचे। यहाँ खाने के लिए होटल है जो कि चावल दाल सब्जी खिलाते हैं । तीरथगढ़ वॉटरफॉल मेरे सोच से भी ज्यादा सुन्दर निकला में इसकी सुंदरता को देखते ही राह गया। मन कर रहा था कि ये नाज़रा कभी आखो से ओझल ना हो पाए ।ये झरना100फ़ीट के ऊपर से पानी पत्थरो पर गिरता है जो कि बहुत ही सुंदर प्रतीत होता है क्योंकि ये सीधे 100 फ़ीट नीचे न गिर कर ये पत्थरो से होकर गिरता है यह दृश्य बहुत ही सुंदर होता है। यहाँ के कुछ फोटू में नीचे डाल देता हूँ। पिक्स में ये नार्मल झरने के जैसे ही दिखता ह पर आंखों से लगता है कि कोई ऐसा दृस्य है जिसको में कभी भी आंखों के सामने से ओझल नही होने नहीं दू।
अब हमारा अगला पड़ाव जगदलपुर रेल्वेस्टेशन है। वहाँ से हम विशाखापट्नम के लिए हमारा ट्रैन है।साम में करीब 6 बजे हम लोग जगदलपुर पहुच गए ।7:30 पर हमारी ट्रेन थी। हमने आस पास से खाना खाया और ट्रेन पकड़ लिया।आगे के व्लोग में हम विशाखापट्नम यात्रा के बारे में बतााऊंगा।
जय भोले बाबा।।।













वाह बहुत सुंदर..।
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